Wednesday, August 15, 2018

लाल किले से प्रधानमंत्री मोदी का भाषणः चुनाव पर नज़र और खाली होता शब्दकोश

PM मोदी ने इस बार प्रधानमंत्री जन आरोग्य अभियान, देश की अर्थव्यवस्था में सुधार, मुद्रा योजना एवं स्वच्छ भारत मिशन के सकारात्मक प्रभाव, जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर, माओवाद, किसानों, तीन तलाक विरोधी विधेयक और कई अन्य मुद्दों के बारे में बात की.
लालकिले के प्राचीर से देश को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (AP) लालकिले के प्राचीर से देश को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (AP)
नई दिल्ली, 15 अगस्त 2018, अपडेटेड 14:18 IST

लाल किले के प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह पांचवां और वर्तमान मोदी सरकार का यह अंतिम संबोधन था. देश चार साल से ज़्यादा समयावधि का उनका कार्यकाल देख चुका है और इससे पहले चार बार बतौर प्रधानमंत्री वो भारत की जनता को लाल किले के प्राचीर से संबोधित कर चुके थे.
पहले वर्ष यानी 2014 में जब अपनी पहली गैर कांग्रेस बहुमत वाली सरकार के साथ प्रधानमंत्री इस किले पर देश को आज़ादी के दिन संबोधित करने के लिए खड़े हुए थे तो उसमें एक दृष्टि थी. यह दृष्टि थी उनकी संकल्पना के भारत की और उन वादों के क्रियान्वयन की जो उन्होंने लोगों से चुनाव प्रचार के दौरान किए थे.
इस भाषण में उन्होंने एक अलग तरह से देश को आगे ले जाने के और आक्रामक तरीके से बदलाव लाने के संकेत दिए थे. बाद के भाषणों में वो विपक्ष पर प्रहार करते, अपने कामकाज को गिनाते और लोगों को सीधे प्रभावित करने वाले मुद्दों पर बोलते नज़र आए.
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